अकेले है तो क्या गम है...

जिन्दगी हमारी खुशी हमारी तो फिर गम भी तो हमारा ही हुआ । 
अकेलापन भी हमारा अपना ही है । अकेलेपन को कोसो मत दोस्ती कर लो अकेलेपन से । 

अकेले में खुद से बाते करो और नकारात्मक से सकारात्मक दृष्टिकोण में जाने की कोशिश करो । 

अकेलेपन को अपना दोस्त बना लो ये बहुत वफादार है । 
ये बहुत कुछ सीखा देता है । 

जब हम अकेले होते है तब हम सिर्फ खुद के साथ होते है खुद के साथ होने के बहुत फायदे है हम खुद को जानने लगते है । 
जब लोग दूसरों के बारे में बात करते है तब हम खुद को तराशते है । 

खुद को तराशते तराशते एक दिन हमें हमारे अकेलेपन से प्यार हो जाता है खुद से प्यार हो जाता है । 

ये पहला चरण होता है परमात्मा की ओर बढने का । 

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