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Showing posts from April, 2022

स्वर्ग धरती पर

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आओ हम सब मिलकर धरती को स्वर्ग बनाये । नाचे गाएँ और दीप जलाए ।  आओ हम सब मिलकर नये युग का निमार्ण करे। एक एसा युग जिसका हमनें सपना देखा है । सब बेर मिटाकर , आओ हम सब एक नया सवेरा लाये ।  इस मिट्टी को फिर से पावन कर दे ।  ना रह पाये कोई दीन दुखी इस धरती पर , आओ हम मिलकर कुछ एसा करे । ना सो पाये कोई भूखा कभी , आओ हम सब कुछ एसा करे । चारों ओर दिखे मुस्कान ही मुस्कान आओ हम सब कुछ एसा करे । खुलकर हँसे खुलकर बोले खुलकर जिए । आओ हम सब कुछ एसा करे । आओ हम सब प्रेम के गीत गाये ।  ममता सीरवी

मैं सर्वधार हो जाउँ

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कभी फूलों सी महकती जाऊं तो चिड़िया सी चहकती जाऊ । कभी सुबह बनकर चमक जाऊं तो कभी शाम बनकर ढल जाऊं। कभी हवा बनकर तुझसे टकराउँ तो कभी फिज़ाओं में रन्गीन हो जाउँ । कभी पंख लगाकर उड़ जाऊं तो कभी अपने आशियाने में बेठ जाउँ । कभी सपना बनकर खो जाउँ तो कभी सपना लेकर वापस आ जाउँ ।  कभी चांद बनकर रोशन हो जाउँ तो कभी सूरज बनकर तेज हो जाउँ । कभी कलियों मे नज़र आऊँ तो कभी पुष्प हो जाउँ ।  कभी किसी का इश्क तो कभी किसी की महोब्बत हो जाउँ । कभी किसी की मुस्कान बन जाउँ तो कभी किसी का सहारा । कभी आँधी तो कभी बरसात बन जाउँ ।  कभी सावन तो कभी पतझड़ बन जाउँ ।  कभी धुप तो कभी छांव बन जाउँ ।  कभी दर्पण बनकर रुप दिखाऊँ तो कभी परछाई बनकर छुप जाउँ । कभी नदी तो कभी समुन्दर हो जाउँ ।  कभी पेड़ तो कभी पक्षी हो जाउँ ।  कभी बर्फ तो कभी पानी हो जाउँ ।  कभी दिन तो कभी रात हो जाउँ । कभी पत्थर तो कभी मिट्टी हो जाउँ । कभी क्या तो कभी क्या मैं , सर्वधार हो जाऊँ ।🌼🎇💫

दिव्य जीवन आन्दोलन

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वौमगुरु - सर्वस्व व्याप्त शक्ती का नाम वौमगरु है , समस्त ब्रह्माण्ड से जो प्रेरित होकर कार्य करता है उसका नाम वौमगरु है । WomGuru🙏🎇 P Atul Vinod is a Spritual Master who is working on this. His vidoes are a new inspiration for lots of people. DIVINE LIFE MOVEMENT WOMGURU HIRANYGARBHAM🙏 सभी का दिव्य जीवन आन्दोलन में स्वागत है ~ 🙏#Wom Guru 🙏🌼🌼 🙏

ये सुहानी रात

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लंबी राते  ये लंबी लंबी रातें हैं  ~ घनघौर  मानों संग हो अज्ञात यादों का कुआँ । ये रात है एक विश्रामकक्ष । ये है एक गुफा ।  टिमटिमाते तारें है इनका प्रकाश  जगमग जगमग  ✨ चांद से चांदनी है । ☪️ और आकाश है साक्षी इनका । 

जीवन एक महाभारत

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卐 जीवन एक महाभारत 卐 भारत के इतिहास में जो महाभारत हुई थी । वो उस देश काल और परिस्थियों से बनी थी ।  उसमें युध्द ,हिंसा और ना जाने क्या क्या नहीं हुआ । परंतु उस महाभारत के पीछे छुपे सार को शायद हम नहीं समझ पाये । सार समझने का प्रयास करें तो हम पायेंगे की प्रत्येक मनुष्य का सम्पुर्ण जीवन ही महाभारत है ।  व्यक्ति के अन्दर छिपे गुण ही उसके जीवन की नियति तय करते है और वही उसके जीवन की महाभारत बन जाती है ।  आइये इसे विस्तार से जानते हैं। महाभारत का युद्ध पांडवो और कौरवों के बीच हुआ था ।  पांडवो के बारे में~ पांडव और कौरव आपस में भाई भाई ही थे । परंतु दौनों में गुणों का बहुत अन्तर था ।  पांडव सत्य की राह पर चलने वाले शुद्ध आत्मा से युक्त थे ।  उनके गुण ईश्वर को प्रसन्न करने वाले थे । वे परोपकारी और ध्येयवादी थे हमेशा दूसरों की मदद करते थे । जीवन में जो मिला उससे संतुष्ट रहते थे । अच्छे संस्कारों से युक्त व्यक्तित्व था पांडवों का । वो धर्म को मानने वाले थे । तो दुसरी ओर कौरव इसके विपरीत थे । कौरवो और पांडवो में जमीन आसमान का अन्तर था । जैसे एक देवता हो तो दुसरा असु...

हम युवा है ~

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हम युवा हैं 🙋‍♀️ हम युवा है हमें मत ललकारो , हम कागज की कस्ती पर सवार नहीं है ।  हमारा जोड़ तो जमीन में गहरा है ।  हम आये है कुछ अलग करने हम आये हैं अपनी पहचान बताने । हम आये है खुद से रुबरू करवाने । हम हैं उस तेजस से वीर , हम है उसके शौर्य के प्रतीक . हम युवा है हमें मत ललकारो।

नयनसुख 👀

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नयनसुख 👀 सुकोमल नयन हमारे  , पल पल ,पल पल पलकें झपकाये। नयनसुख में भीगे नैना , पल पल पल पल बरसे जाये।  दृश्य दिखाये रहस्य हटाये । सुकोमल नयन हमारे ।  कभी रिझाये नयनसुखमाया में , दौ से दौ को एक बनाएँ नयनसुख 👀

देशप्रेम गीत

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घर गूँजा हे वन्दे मातरम , घर गूँजा हे वन्दे मातरम  वन्दे मातरम , वन्दे मातरम 🇪🇬 गोरे धोरा री धरती रो , मीठे मोरा री धरती रो राजा भरत री चक्री रो , लोकतंत्ररी री धारा रो  कितरो कितरो करां , "मैं" बखान ! दशों दिशाओं में गूंजे रे , वीरा रो गुणगान  ईणरो कितरो करां मैं बखान ?  कण कण से गूँजे ,जय जय वन्दे माँ  ईणरे बलिदानां री लीला , है किणसूं अनजानी ?  ईणरे धरम , करम रे परचा रो , जग में है विस्तार  ईणरो कितरो करां मैं बखान ?  साज सजा संसकृति सूं , हे जगमग पुरो देश  भाषा -बोली एक नहीं , हे अनेक  अनेकता में एकता हे इणरी पहचान  इणरो कितरो करां मैं , बखान ?  हवा ,पानी में है ज्ञान इणरी कितरी तो हे शान  ईणरो कितरो करां मैं बखान ? कोई कहे , आर्यव्रत कोई कहे भारत  तो कोई कहे हिन्दुस्तान , इणरो कितरो करां मैं बखान ? घर गूंजा है वन्दे मातरम , वन्दे मातरम ,वन्दे मातरम जय हिन्द 🙏 ममता सीरवी~ 

जीवन की घटनाएं~

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इस जीवन की लगभग सभी घटनाएँ पहले से तय होती है । और जन्म लेने से पुर्व आत्मा स्वयं अपने जीवन का चुनाव करती है सूक्ष्म लोक में । और वहाँ पर हमारे स्पिरिट गाईड भी मौजूद होते है वो हमारी सहायता करते है । कौनसी घटना को चुनना है इसमें वहाँ मौजूद आत्माएँ हमारी सहायता करती है । पदचिन्ह 🐾 पृथ्वीलोक पर आने से पुर्व हर एक आत्मा को उसके जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाता है । परंतु 5 वर्ष के होने के पश्चात सब धुंधला होता जाता है । जिससे हमारी स्मृति उसे कम कर देती है धीरे धीरे हम उस लक्ष्य को भूल जाते है । इस कारण हम हमेशा जीवन में असन्तुष्ट रहते है घर परिवार में रहते हूए भी कुछ कमी खलती रह्ती है वो उसी लक्ष्य से दुर होने के कारण होता है । और देखते ही देखते फिर शरीर मृत्यू का समय भी आ जाता है और लक्ष्य अधूरा रह जाता है सब व्यर्थ हो जाता है सूक्ष्म लोक में हम पास नहीं हो पाते । हमें फिर से वही लक्ष्य लेकर जमीन पर आना होता है और वही दोहराना पड़ता है । जीवन में लक्ष्य से दुर होने पर हमारे स्पिरिट गाइड हमारी मदद करते है हमें पहचान चिन्ह देते है हमसे कनेक्ट होने की कोशिश करते है । पर हम यहाँ इतने खो...