आँसू क्यों आते है -

जब अपने मन की बात को शब्दों में कहना मुश्किल हो जाये तब हमें आँसू आते है ।

हम जिसे अपना मानते है पर हमें पता चले कि वो हमारा भ्रम था तब भी आँसू आते है ।

प्रेम दुख का कारण तो नहीं है किन्तु प्रेम आँसुओं का कारण अवश्य बनता है ।

क्योकिं अगर प्रेम ही दुख का कारण बन जायें तो वो फिर प्रेम नहीं रहता वो तो मौह हो जाता है ।

प्रेम तो राजी है हर हाल में । अपने ही स्वभाव में ।

प्रेम कोई मनुष्य करता नहीं है बल्कि प्रेम खुद ही एक अद्वितीय शक्ती है जो हर एक मनुष्य के पास है ।

प्रेम परमात्मा का दिया उपहार होता है ।

जिस इंसान में समस्त के प्रति प्रेम भाव होता है उसे सबसे ज्यादा आँसू आते है क्योकिं वो सबकुछ महसूस कर सकता है ।

आँसू भीतर के सारे दुखों को बाहर निकालने के लिये ही आते है ।

इसलिये कभी कभी रोना भी बहुत जरुरी होता है ।

आँसू सकारात्मक है । क्योकिं व्यक्ति जब आँसू बहा लेता है तो उसके बाद गहरी शान्ती का अनुभव करता है ।

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