चांद 🌙

जिन्हें खुबसूरती की पहचान नहीं होती वे चांद में भी दाग ढूँढ लेते है ।

जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि । 

चांद तो चांद ही रहेगा । सफेद चमक के साथ चांदनी से  शीतलता बरसाता चांद तो चांद ही रहेगा। चांद जेसा ना कोई है और ना कोई होगा । ये अद्वितीय है।  

-Mamta Seervi

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