भविष्य 🎆
आज के दौर में जहाँ पढ़े लिखे युवा भी बेरोजगार है कोराना महामारी के बाद ये समस्या और बढ़ गई है ।
इस मुश्किल दौर में हम सबको अपने भविष्य की चिंता होती है लेकिन क्या चिंता से समाधान हो सकता है ?
नहीं।
इसलिये व्यर्थ भविष्य की चिंताए छोड़कर वर्तमान को सुन्दर बनाये। यहीं हमारे आने वाले कल को निर्मित करता है ।
हम सभी भुत से निर्मित है वर्तमान में जी रहे हैं । और वर्तमान से निर्मित भविष्य की ओर बढ़ रहे है ।
हमारा पुरा जीवन हमारे कर्मों से निर्धारित होता है ।
कर्म अच्छे होंगे तो हम अच्छे जीवन की ओर जायेंगे ।
भुत से निर्मित वर्तमान और वर्तमान से निर्मित भविष्य की ओर ।
- ममता सीरवी
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