नियति

बहती नदी के बीच पत्थर का अवरोध डालने वाले मूर्ख हैं। नदी को क्या कोई पत्थर रोक पाया है ? 

प्रकृति से विरोध करने वालों को बाढ़ का ही सामना करना पड़ता है । 

जब बाढ़ आती है तो विरोधी अपना अस्तित्व खो देते हैं । 
इसलिये हो सके तो नियति के साथ चले ।

-Mamta Seervi

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