छांव में तेरी

छांव में तेरी रखना महफुज मुझे हर पल 
साथ छूटे तो मिट जाउँ , साथ रहूँ तो बढ़ती जाउँ 
हे गिरधर कृष्ण कन्हैया , छांव में तेरी रखना महफुज मुझे हर पल । ✍ॐ

-Mamta Seervi

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