फूल🌻

फूलों की मासूमियत तो देखो । कहीं भी खिलने को तैयार है कीचड़ में भी , पत्थर में भी । ये सिखाते है कि आसपास कितनी भी गन्दगी क्यों ना हो उसमें रहते हुए भी मैं उनसे अछूत हुँ। 

हर हाल में रहने को तैयार है तभी तो इन्हें पुष्प जेसे सुन्दर नाम से पुकारा जाता है। 

-Mamta Seervi

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